अध्याय 150 नोला का निर्धारण

"अगर तुम्हें—एमा की सगी माँ होकर भी—कोई परवाह नहीं, तो मुझे, उसकी दत्तक माँ को, परवाह है।"

डेज़ी के चेहरे पर गहरी चोट झलक रही थी। वह चिंता से भरी आँखों से एमा को देख रही थी।

डेज़ी की इस चालाकी भरी अदाकारी पर शार्लट को इतना गुस्सा आया कि वह हँसी रोक नहीं पाई।

डेज़ी की दुखी-सी नज़र से नज़र मिलते ही...

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